Headlines

Restaurants

Fashion

बाबा रामपाल के सतलोक आश्रम से 10 हजार लोगों को निकाला, तलाशी में अश्लील सामग्री मिली

हिसार(प्रैसवार्ता)। संत रामपाल के सतलोक आश्रम से बुधवार सुबह तक करीब 10 हजार लोगों को बाहर निकाला जा चुका है। प्रशासन ने इस बात की पुष्टि की है। इसके बावजूद अभी आश्रम के अंदर काफी संख्या में लोग मौजूद हैं। पुलिस बुधवार को फिर से कड़ा कदम उठाने की तैयारी में नजर आ रही है। पुलिस लगातार अपनी ओर से चेतावनी दे रही है। इससे पहले मंगलवार देर रात दो हजार से ज्यादा साधक ताला तोड़ कर बाहर निकल आए थे। इसमें 500 महिलाएं बच्चों के साथ बाहर आईं। आश्रम के निजी ब्लैक कमांडो व अन्य साधकों ने रोकने का प्रयास किया लेकिन इन लोगों ने विरोध कर दिया। सभी को पुलिस ने गाडिय़ों से रेलवे स्टेशन व अन्य स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था की। साधकों के बीच में छिपकर निकल रहे कुछ संत रामपाल के निजी ब्लैक कैट कमांडो को भी पुलिस ने पकड़ा हैं। उनसे पूछताछ की जा रही हैं। बाहर निकले साधकों का कहना है कि आश्रम में अभी भी करीब छह हजार लोग बंधक हैं। उनकी तबीयत खराब हैं। वह बाहर निकलना चाहते हैं। पुलिस ने इनके सामान की तलाशी ली तो उसमें अश्लील सामग्री मिली है।
सूत्रों के अनुसार बुधवार की सुबह दो शव आश्रम के अंदर से निकाले गए हैं। इनमें एक महिला और करीब 18 माह के बच्चे का शव बताया जा रहा है। महिला की शिनाख्त भगवतीपुरा निवासी संतोष के रूप में की गई है। इससे पहले आश्रम की ओर से प्रवक्ता राहुल ने दावा किया था कि पुलिस कार्रवाई में उनके नौ लोगों की मौत हुई है। पुलिस आज आश्रम में प्रवेश करने की कोशिश में सुबह से ही लग गई है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि काफी लोग आश्रम के अंदर से अब बाहर आ चुके हैं। इससे पहले संत रामपाल आश्रम में रात करीब बारह बजे तेज हलचल हुई है। आश्रम के अंदर से हजारों लोग एक साथ बाहर निकल रहे थे। पुलिस ने तेजी से हरकत में आते हुए लोगों को अपने घेरे में लेते हुए उनको गाडिय़ों में भरना शुरू किया। आश्रम से हजारों लोगों के बाहर निकलने की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी व पूरा अमला भी मौके पर पहुंच गया। साधकों की भीड़ में से संत रामपाल के करीब पांच से सात निजी ब्लैक कैट कमांडो ने निकलने का प्रयास किया। पुलिस ने जांच में उनको पकड़ लिया और हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। बाहर निकले साधकों से पुलिस अंदर की स्थिति पूछने में लगी रही ताकि उनको दूसरे दिन चलाए जाने वाले ऑपरेशन में भी कुछ सहायता मिल सके। रात करीब दो बजे तक एक दर्जन पुलिस व रोडवेज की बसों से साधकों को रेलवे स्टेशन व अन्य गंतव्य स्थानों पर छोड़ रही थी।

करीब  छह हजार लोग बंधक
आश्रम से बाहर निकले साधक मध्यप्रदेश के मुरैना निवासी रामलाल व नानक ने बताया कि पिछले करीब सात दिन से उनको बंधक बनाया गया था। उनके अलावा करीब छह हजार लोग ऐसे हैं जो बाहर निकलना चाहते हैं, मगर उनको आने नहीं दिया जा रहा। काफी साधकों की तबीयत भी खराब है। आसू गैस के गोले के धुएं से उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई।

नहीं मिल रहा खाना
आश्रम से बाहर आए साधकों का कहना है कि उनको खाना भी नहीं दिया जा रहा। यदि वह बाहर जाने की बात करते थे तो उनको पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने की बात कह कर डराया जाता रहा। आश्रम में उनको खाना भी नहीं मिल रहा था। जो अभी अंदर लोग फंसे है उनको भी खाना नहीं मिल रहा। उनको अलग से रखा गया हैं।

Share this:

Post a Comment

 
Copyright © The Pressvarta Trust. Blog Templates Designed by OddThemes