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बाबा राम रहीम की फिल्म के खिलाफ सिखों का प्रदर्शन, धारा 144 लागू

सिरसा(प्रैसवार्ता)। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम द्वारा बनाई गई पहली फिल्म एमएसजी हर तरह के विवादों में उलझ कर रह गई है। कुछ समय पहले सेंसर बोर्ड ने यह कहते हुए बाबा की फिल्म पर रोक लगा दिया कि बाबा की फिल्म में राम रहीम को भगवान के तौर पर पेश किया गया है और फिर  राजनीतिक पार्टियां इसके विरोध में उतर आई। इसके साथ ही सिख संगठनों व अन्य संगठनों ने भी इसका विरोध शुरू कर दिया, जिसके चलते सिरसा जिला में धारा 144 लागू हो गई है। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर बाद पंथक सेवा लहर के मुखी सिक्ख प्रचारक संत बलजीत दादूवाल व जगदीश झिंडा के नेतृत्व में सभी सिख व गैर सिख संगठन गुरूद्वारा पातशाही दसवी में एकत्रित हुए और बाबा की फिल्म एमएसजी पर रोक लगाने के लिए रोष मार्च निकाला। मौके पर एसडीएम परमजीत चहल पहुंच गए और सिखों ने उन्हें मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक विवादित व्यक्ति है, जिस पर कत्ल, बलात्कार एवं अपने पैरोकार को नपुंसक बनाने के अलग-अलग मुकद्दमे चल रहे है। अब डेरा मुखी फिल्म के माध्यम से हिंसा भड़का रहा है, जिसके प्रदर्शन होने पर अमन शांति को खतरा पैदा हो रहा है। हिंदू, सिख, मुस्लमान व ईसाई सभी धर्मों के लोग यह नहीं चाहते कि बाबा की इस फिल्म की वजह से दोबारा हालात बिगड़े। इसलिए इस फिल्म पर पाबंदी लगाई जाए। साथ ही विवादित गुरमीत राम रहीम को चल रहे मुकद्दमों के तहत गिरफ्तार किया जाए, ताकि अमन-शांति बनी रहे।
जिले में धारा 144 लागू
जिलाधीश श्री निखिल गजराज के आदेशानुसार जिले में धारा 144 लागू की जा रही है। पुलिस महानिरीक्षक गुप्तचर विभाग हरियाणा ने लिखित में अवगत करवाया है कि संत गुरमीत राम रहीम सिंह की फिल्म मैसेंजर ऑफ गॉड के रिलीज होने की सैंसर बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। इस दौरान सिख संगठनों, डेरा विरोधी राजनैतिक पार्टियों व डेरा के अन्य विरोधी संगठनों द्वारा अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है इस दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिलाधीश श्री निखिल गजराज ने दण्ड प्रक्रिया नियमावली 1973 प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए धारा 144 लागू की है इस दौरान पांच या इससे अधिक लोगों के एकत्रित होने व किसी भी व्यक्ति द्वारा अग्रि अस्त्र, गंडासा, भाला, तलवार इत्यादि अस्त्र, शस्त्र लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दी गई है। इन आदेशों की उलंघना करने वाले व्यक्तियों को नियमानुसार भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अनुसार दण्ड के भागी होंगे। उन्होंने कहा कि यह आदेश पुलिस तथा अन्य सरकारी अधिकारी, कर्मचारी जो ड्यूटी पर तैनात होंगे उन पर लागू नहीं होंगे।

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