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छत्रपति एक विचार, हमेशा जिंदा रहेंगे: थानवी

सिरसा(प्रैसवार्ता)। स्वर्गीय पत्रकार रामचंद्र छत्रपति को बुलाया नहीं जा सकता। इनसे हमें अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा करने की प्रेरणा मिलती है। वर्तमान में घोषित आपातकाल नहीं है इसके बावजूद स्थितियां बहुत विकट हैं। लोगों को जिस प्रकार की तकलीफें हो रही हैं उनकी आवाज उठाने के लिए कोई नहीं है। यह बात वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार ओम थानवी ने रविवार को पंचायत भवन में संवाद संस्था की ओर से आयोजित छत्रपति स्मृति समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए कही। जम्हूरी अधिकार सभा पंजाब के महासचिव प्रो. जगमोहन की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में मौजूदगणों को संबोधित करते हुए मुख्यातिथी थानवी ने कहा कि आज पूरे देश में कार्यपालिका, विधायिका, पत्रकारिता, न्यायपालिका को संदेह के घेरे से देखा जा रहा है। देशभक्ति के नए अर्थ तय किए जा रहे हैं। पश्चिम से आया हुआ राष्ट्रवाद दुनिया को बांट रहा है। न्यायपालिका पर भी आजादी का खतरा है। घोषित एमरजेंसी में भी इस तरह के हालात नहीं थे। प्रो. जगमोहन ने नोटबंदी को आर्थिक एमरजेंसी बताते हुए कहा कि देश की सारी जनता कैश लेस हो गई है और लोगों ने जो थोड़ा बहुत अपने लिए बचत करके धन रखा था वह भी सरकार ने छीन लिया है। विशेष रूप से घरों में महिलाओं ने किसी संकट से निपटने के लिए जो बचत की थी उनको भी छीन लिया गया है। छत्रपति को याद करते हुए उन्होंने कहा कि छत्रपति एक विचार है जो हमेशा जिंदा रहेगा। मुख्यातिथि ओम थानवी को छत्रपति सम्मान दिया गया। इस मौके पर छत्रपति के पुत्र अंशुल छत्रपति, हरभगवान चावला, लेखराज ढोट, हरविंद्र सिंह, परमानंद शास्त्री, पूरन मुदगिल, प्रवीन बागला, डॉ. जी.डी. चौधरी, रुप देवगुण, मेजर शक्तिराज कौशिक, डीएन अग्रवाल, डॉ. दर्शन सिंह, स्वतंत्र भारती, स्वर्ण ङ्क्षसह विर्क, महक भारती, डॉ. शील कौशिक, बलबीर कौर गांधी, गुररतन पाल सिंह किंगरा, सुरेश मेहता इत्यादि भी मौजूद रहे।

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