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रामपाल समर्थक और पुलिस में झड़प, मीडिया को पीटकर खदेड़ा

हिसार(प्रैसवार्ता)। बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में मंगलवार को विवादास्पद स्वयंभू संत रामपाल को गिरफ्तार करने की कोशिश पर पुलिस और समर्थकों के बीच बेहद तीखी झड़प हो गई। पुलिस पर संत समर्थकों ने पत्थरबाजी के साथ फायरिंग तक कर डाली। पुलिस ने भी रामपाल समर्थकों पर लाठीचार्ज किया। इस दौरान पुलिस ने मीडिया तक को नहीं बख्शा। कवरेज को रोकने के लिए मीडियाकर्मियों पर लाठीचार्ज कर घटनास्थल से दूर खदेड़ दिया गया और उनके कैमरे तोड़ दिए गए। इस समय आश्रम में क्या चल रहा है, इसकी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों मेंआठ से नौ मीडियावाले और 15 पुलिसवाले शामिल हैं। बताया जा रहा है कि एक पुलिसवाले को गोली भी लगी है।

हालात तनावपूर्ण
सतलोक आश्रम के आसपास हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। हिसार में बढ़ते तनाव को देखते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आपातकालीन बैठक बुलाई। केंद्र सरकार ने भी इस घटना पर हरियाणा सरकार से रिपोर्ट मांगी है। इस बीच रामपाल की जमानत रद्द करने पर कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है। खट्टर सरकार चाहती है कि रामपाल की जमानत रद्द की जाए। पुलिस मंगलवार सुबह रामपाल को गिरफ्तार करने के लिए जैसे ही आश्रम की तरफ बढ़ी समर्थकों ने उग्र विरोध शुरू कर दिया। आश्रम में मौजूद संत समर्थकों ने पुलिस को रोकने के लिए छत से फायरिंग और पत्थरबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाब में आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इसके साथ ही आश्रम के गेट पर मौजूद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल शुरू किया गया। इस विरोध के बावजूद पुलिस धीरे-धीरे आश्रम की ओर आगे बढ़ रही हैं। आश्रम में दाखिल होने के लिए पुलिस ने एक दीवार भी ढहा दी। आश्रम के बाहर दीवार बनकर खड़ीं रामपाल की महिला समर्थकों को पुलिस एक-एक कर वहां से हटा रही है। बताया जा रहा है कि आश्रम परिसर में करीब 1 लाख रामपाल समर्थक मौजूद हैं।

पुलिस ने तोड़े मीडिया के कैमरे, हजेए ने किया निंदा
रामपाल को गिरफ्तार करने के लिए शुरू की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मीडिया वालों से मारपीट की और उनके कैमरे भी तोड़ दिए। पुलिस ने घटनास्थल पर रिपोर्टिंग कर रहे न्यूजपेपरों व न्यूज चैनलों के कैमरे तोड़ डाले। कई चैनलों और अखबारों के पत्रकारों को चोटें आई हैं। पत्रकारों को घटनास्थल से करीब 2 किलोमीटर दूर खदेड़ दिया गया है। मीडिय़ा पर हुए इस हमले की हरियाणा जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन, सिरसा के प्रवक्ता मनमोहित ग्रोवर ने कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पत्रकारों पर हमला करने का मतलब प्रेस की अभिव्यक्ति को कुचलना है। ऐसी घटनाएं देश व राष्ट्र के लिए सही नहीं हैं। पत्रकार समाज का आइना है और बरवाला में पत्रकारों पर हुआ लाठीचार्ज बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को ऐसी घटना पर समय रहते अंकुश लगाना चाहिए। पत्रकार निष्पक्ष भावना से अपनी लेखनी द्वारा समाज के हर पहलू को उठाते है।

कई घायल, आश्रम की तरफ गईं ऐम्बुलेंस
पुलिस और रामपाल समर्थकों की इस झड़प में कई लोगों के घायल होने की खबर है। पथराव और पुलिस लाठीचार्ज में कितने लोग घायल हुए हैं, अभी मालूम नहीं हो पाया है। कई एम्बुलेंस आश्रम की तरफ जाती देखी गई हैं। इससे पहले आश्रम के प्रवक्ता ने बताया था कि रामपाल को आश्रम से बाहर शिफ्ट कर दिया गया है। हालांकि पुलिस को आश्रम के इस बयान पर यकीन नहीं है। पुलिस आश्रम परिसर में दाखिल होकर संत रामपाल को तलाश करना चाहती है। सोमवार को रामपाल को पेश न कर पाने पर हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार और पुलिस को कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने फिर गैर जमानती वॉरंट जारी करके 21 नवंबर तक पेश करने को कहा।

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