सिरसा(प्रैसवार्ता)। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को झटका देते हुए जाटों व पांच अन्य समुदायों को दिए गए आरक्षण पर रोक लगा दी है। अब यह भाजपा के गले की फांस बन गया है, क्योंकि भाजपा ने अपने वोट बैंक में वृद्धि के लिए यह दांव खेला था। उच्चतम न्यायालय तथा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग इससे पूर्व ही जाट आरक्षण का मामला खारिज कर चुका है। हाईकोर्ट के निर्णय से जाटों सहित पांच अन्य समुदायों के लोगों में भाजपाई शासन के प्रति आक्रोश बढ़ सकता है। आरक्षण के पक्ष में उतरना सरकार की विवशता बन गई है। प्रदेश के जाट समुदायों ने पहले ही जाट युवाओं की गिरफ्तारी को लेकर आंदोलन की डुगडुगी बजाई हुई है, जबकि भाजपा का मातृ संगठन आरएसएस जातिगत आधार पर आरक्षण को लेकर विरोध कर चुका है। राष्ट्रवाद के बल पर देशभर में अपना पक्षीय माहौल बना रही भाजपा के लिए आरक्षण एक मुसीबत बनकर आया है। गुजरात में आरक्षण को लेकर आन्दोलन की सिरदर्दी के साथ हरियाणा में जाट आंदोलन के हिंसक होने से भारी पैमाने पर जान-माल की क्षति को पूरा करने में लगी हरियाणा की भाजपा सरकार प्रकाश सिंह कमेटी के माध्यम से प्रभावित लोगों के घावों पर मरहम लगाने का प्रयास कर रही थी, कि हाईकोर्ट के कानूनी चांबुक ने सरकार को अग्रि परीक्षा में डाल दिया है। हाईकोर्ट के निर्णय से जाटों के साथ साथ पांच अन्य समुदायों के लोगों का आक्रोश भी भाजपा को झेलना पड़ेगा। सूत्रों के अनुसार भाजपा हरियाणा के जाटों को आरक्षण का दांव खेलकर यूपी में जाट मतदाताओं को खुश करने की योजना बनाए हुए है। जाट वोट बैंक में सेंधमारी के लिए भाजपा ने पश्चिमी उत्तरप्रदेश में संजीव बलियान वीरेंद्र सिंह तथा ओपी धनखड़ को जिम्मेवारी सौंपी हुई है। हरियाणा में जाट आंदोलन को लेकर भाजपा सरकार ने जो चाल चली थी, उसके परिणाम विपरित होते दिखाई देने लगे है। हरियाणा सरकार ने जाट सहित पांच अन्य जातियों को आरक्षण देने के लिए विधानसभा में विधेयक पास किया था, जिस पर राज्यपाल की स्वीकृति मिलते ही अधिसूचना भी जारी कर दी गई थी। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए जाट आरक्षण पर 21 जुलाई तक रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के इस निर्णय ने, जहां प्रशासन को अल्र्ट कर दिया है, वहीं जाट संगठनों ने 29 मई को रोहतक में बैठक करने का ऐलान किया है। इस बैठक में मौजूदा मुद्दों पर विचार विमर्श किया जाएगा। प्रदेश के जाट समुदाय ने पुन: आंदोलन की धमकी देकर प्रशासन के हाथ पैर फुला दिए है। सरकार ने भावी स्थिति को ध्यान में रखते हुए खुफिया एजेंसीज को सतर्क कर दिया है और जाट आरक्षण को लेकर पल पल की खबर मुख्यालय पहुंचाने को कहा है। इसके अतिरिक्त जिला उपायुक्तों तथा पुलिस कप्तानों को भी निर्देश दिए गए है कि अतिरिक्त पुलिस बल को 24 घंटे अलर्ट रखें। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष न रखा, तो प्रदेश को एक बार फिर आंदोलन का सामना करना पड़ सकता है। हाईकोर्ट के इस निर्णय से विपक्ष को भाजपाई शासन के खिलाफ राजनीतिक रोटियां सेंकने का एक मुद्दा मिल गया है, जो सरकार को कटहरे में लाने का हरसंभव प्रयास करेगा। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा जाट आरक्षण पर अंतरिम रोक लगाए जाने उपरांत जाट समुदाय के साथ साथ पांच अन्य समुदाय के लोगों को किसी प्रकार का कोई लाभ तब तक नहीं मिलेगा, जब तक इस प्रकरण का फैसला नहीं हो जाता।
Home > NationalNews > 29 मई को होगी जाटों की बैठक, प्रशासन अलर्ट, खुफिया एजेंसीज सतर्क
29 मई को होगी जाटों की बैठक, प्रशासन अलर्ट, खुफिया एजेंसीज सतर्क
By Pressvarta • 4:09:00 PM • LatestNews NationalNews • Comments : 0
Subscribe to:
Post Comments
(
Atom
)

Post a Comment