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भाजपा ने बनाया ग्रामीण आंचल को अपना फोक्स

सिरसा(प्रैसवार्ता)। विधानसभा चुनाव में भाजपा को जाट बाहुल्य क्षेत्रों में ज्यादा सीटें न मिलने से भाजपा ने अपना फोक्स राज्य के ग्रामीण आंचल पर कर दिया है, ताकि ग्रामीण आंचल में पकड़  मजबूत की जा सके। अपने बलबूते पर सत्ता संभालने वाली भाजपा ने 26 जाट नेताओं को हरियाणा विधानसभा में चुनावी समर में उतारा था, मगर केवल सात पर ही जीत पाए। विजयी सात भाजपाई विधायकों में से दो को खट्टर मंत्रीमंडल में महत्वपूर्ण विभाग मिले है, जबकि कांग्रेस छोड़कर भाजपाई ध्वज उठाने वाले जाट दिग्गज वीरेंद्र सिंह डूमरखां कों केंद्र में कैबिनेट मंत्री बनाकर भाजपा ने जाट वोट बैंक में सेंधमारी का कार्ड खेला है। डूमरखां को केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती बनाकर भाजपा सोच रखती है कि वह शहरों के साथ साथ ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास करवाकर ग्रामीणों को भगवे रंग में रंग सके। भाजपा ने अपने इस उद्देश्य पर कितनी सफल होती है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, मगर भाजपा ने डूूमरखां का कार्ड खेलकर ग्रामीण आंचल में पैंठ जमाने का प्रयास शुरू कर दिया है। भाजपा ने अपने ही किसान प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्र्रकाश को कृषि एवं पंचायती मंत्री हरियाणा बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों पर अपना फोक्स रखा है, क्योंकि धनखड़ की ग्रामीण क्षेेत्रों में प्रभावी पकड़ है। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व हरियाणा के जाट मतदाताओं को भी साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है, इसलिए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं हरियाणा के दिग्गज जाट नेता कैप्टन अभिमन्यु को पॉवरफूल मंत्री बनाकर यह संदेश देने का प्रयास कर रही है। भाजपा ने अपने ग्रामीण आंचल में फोक्स को लेकर जाट नेता एवं भिवानी के सांसद धर्मवीर सिंह को भी लोकसभा में पहुंचाया है, क्योंकि उनकी भी ग्रामीण आंचल में प्रभावी पकड़़ है और यही कारण है कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व.बंसीलाल के गढ़ भिवानी में उन्होंने बंसीलाल की पौत्री श्रुति चौधरी को कड़ी शिकस्त दी थी। भाजपा को पिछले विधानसभा चुनाव में मात्र चार विधानसभा क्षेत्रों से जीत हासिल हुई थी, जो अब यह आंकड़ा 47 पर पहुंच चुका है। 

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