जम्मू कश्मीर(प्रैसवार्ता)। जम्मू कश्मीर में विजयी परचम लहराने की फिराक में जुटी भाजपा अपने सहयोगी शिरोमणी अकाली दल से भी दूरी बनाए हुए है, क्योंकि भाजपा नहीं चाहती कि अकाली दल के प्रति पैदा हुई नकरात्मक सोच का राज्य में उन पर कोई असर न पड़े। भाजपा ने एक रणनीति के तहत अकाली दल के दिग्गजों को जम्मू कश्मीर के चुनाव में न आमंत्रित करना संकेत देता है कि अकाली दल व भाजपा में खटास बढ़ रही है। भाजपा ने पंजाब और दिल्ली में अकाली दल से तालमेल किया हुआ है। भाजपा मानती है कि पंजाब में नशे का कारोबार के चलते अकाली दल की काफी बदनामी हुई है, जो भाजपा के लिए घाटे का सौदा बन सकती है, क्योंकि विरोधी भाजपा को नशे के प्रकरण में घसीट सकते है। जम्मू कश्मीर में भाजपा ने कश्मीर की त्राल सीट से सिख चेहरे अवतार सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है, क्योंकि इस क्षेत्र में सिख मतदाताओं की आबादी है। चर्चा है कि देश की सत्ता जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की कमान अमित शाह के हाथ में आई है, तभी से अकाली दल व भाजपा में आंख मिचौली तेजी पकडऩे लगी है। हरियाणा में इनैलो की मदद के बाद भाजपा पंजाब व शीर्ष भाजपाई नेतृत्व में अकाली दल के प्रति बदलते सुर पंजाब की राजनीति को नया मोड दे सकते है, जिसके लिए अकाली दल भी सतर्क है। अकाली दल और भाजपा के बीच चल रहा लिका-छिपी का खेल कभी भी गठबंधन की गांठ खोल सकता है।
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अकाली दल को दूर रखना है भाजपाई कार्ड
By Pressvarta • 11:56:00 AM • LatestNews PoliticalNews • Comments : 0
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