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पंजाब कांग्रेस : प्रधानगी का निर्णय राहुल गांधी करेंगे : हरियाणा में भी बदला जाएगा कांग्रेस प्रधान

सिरसा(प्रैसवार्ता)। देशभर में हिचकोले खा रही कांग्रेस ने आधा दर्जन प्रदेशों में तो नेतृत्व बदल दिया है, जबकि पंजाब तथा हरियाणा में भी नेतृत्व बदले जाने की चर्चाएं है। पंजाब तथा हरियाणा दोनो राज्यों में कांग्रेसी कलह पूरे यौवन पर है और कांग्रेस आलाकमान गंभीरता से पंजाब तथा हरियाणा में कांग्रेसी कलह को रोकने के लिए योजना बना रहा है। पंजाब में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह मौजूद प्रधान प्रताप सिंह बाजवा तथा हरियाणा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का मौजूद प्रधान अशोक तंवर से छत्तीस का आंकड़ा है तथा दोनो पूर्व मुख्यमंत्रियों का अपने - अपने राज्य में व्यापक जनाधार है। पंजाब में तो कांग्रेस नेतृत्व बदलने को लेकर सोनिया गांधी ने हरी झंडी दिखा दी थी, मगर राहुल गांधी के हस्तक्षेप के चलते घोषणा नहीं हो पाई। पंजाब के पूर्व मंत्री लाल सिंह के पक्ष में टक्साली कांग्रेसियों की एक लॉबी खड़ी है, जो कांग्रेस हाईकमान को यह समझाने में व्यस्त है कि वह अकाली पिछोकड वाले कांग्रेसियों के दवाब में आकर कोई निर्णय न लें, बल्कि पुरानी टक्साली टीम को आगे लाकर कांग्रेस से गायब हो रहे एक्स और कांग्रेस पार्टी के परंपरागत वोट दलित और हिंदू वर्ग को भी अपने साथ जोडऩे का प्रयास न किया जाए। टकसाली कांग्रेस की इस लॉबी में कांग्रेस के करीब एक दर्जन विधायक और वरिष्ठ कांग्रेसी दिग्गजों के अतिरिक्त लोकसभा सदस्य शामिल है। कैप्टन अमरेंद्र सिंह पक्षीय विधायकों के अतिरिक्त लगभग एक दर्जन से ज्यादा ऐसे विधायक है, जो कांग्रेस आलाकमान के संपर्क में है और कांग्रेस हाईकमान के नेताओं के करीबी कहे जा सकते है। कांग्रेस हाईकमान भी इन विधायकों के सुझावों को महत्व दे रहा है, मगर राहुल गांधी कैप्टन अमरेंद्र सिंह समर्थकों को बागडोर देने के पक्ष में दिखाई नहीं देते। ऐसी ही स्थिति हरियाणा की है, जहां 15 कांग्रेसी विधायकों में से 14 विधायक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ खड़े है, मगर राहुल गांधी मौजूदा प्रधान अशोक तंवर से निकटता के चलते विधायकों और कांग्रेसी दिग्गजों के मशवरे पर गौर नहीं कर रहे। पंजाब में प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री राजेंद्र कौर भ_ल कैप्टन सिंह द्वारा सुझाए गए नेतृत्व और टीम से सहमत नहीं नजर आ रहे, जबकि हरियाणा में भी ऐसी स्थिति दिखाई दे रही है, जिस कारण संगठन में नियुक्तियां नहीं हो पाई। पंजाब के टकसाली कांग्रेसी कैप्टन सिंह के सख्त तथा अडियल रवैये से प्रसन्न नहीं है, तो हरियाणा में कांग्रेसी मौजूदा प्रधान तंवर की कार्यप्रणाली को सही नहीं मानते। दोनो राज्यों में कांग्रेसी गरिमा व जनाधार को बरकरार रखने के लिए नेतृत्व परिवर्तन कांग्रेसीजन चाहते है, मगर राहुल गांधी कांग्रेसीजनों की भावनाओं को दर किनार कर चहेतों को ही उन पर थोंपना चाहते है। 

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