प्रैसवार्ता न्यूज: सिरसा (मनमोहित ग्रोवर)। हरियाणा कांग्रेस के मौजूदा प्रधान तथा संसदीय क्षेत्र सिरसा के पूर्व सांसद अशोक तंवर द्वारा प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालने उपरांत लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव में हुई दुर्गति के बावजूद हाईकमान तंवर पर विश्वास बनाए हुए है, क्योंकि कांग्रेस दुर्गति के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को जिम्मेवार माना जा रहा है। हरियाणा में कांग्रेस शासन की लुटिया लुढ़के एक वर्ष से ज्यादा का समय हो गया है, मगर इस अवधि के दौरान अशोक तंवर की सक्रियता से प्रदेश कांग्रेस को काफी संजीवनी मिली है, जबकि लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव परिणाम से कांंग्रेस हाशिए पर चली गई थी। तंवर के परिश्रम से कांग्रेस उत्साहित है, जिस कारण कांग्रेस हाईकमान की पहली पसंद तंवर को माना जा रहा है। तंवर को राजनीतिक झटका देने के लिए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शक्ति प्रदर्शनों, पंद्रह में से 14 विधायकों का समर्थन जुटाकर कांग्रेस हाईकमान को रिझाने का हर संभव प्रयास किया है, मगर राजनीतिक पटखनी देने के लिए कभी विशेषज्ञ कहे जाने वाले भूपेंद्र सिंह हुड्डा पटखनी खाए हुए हैे और उनके प्रयास पर ग्रहण लग सकता है। प्रदेशभर में कांग्रेसीजन की नब्ज टटोलने उपरांत दिखाई दिए आईने से भूपेंद्र हुड्डा और उसके समर्थक सकते में आ गए है। ज्यादातर समर्थकों की सोच में बदलाव आना शुरू हो गया है, जोकि भूपेंद्र हुड्डा के लिए शुभ संकेत नहीं कहा जा सकता। एक विशेष वर्ग की चौधर संभालने के हुड्डा के प्रयास असफल होने पर हुड्डा के प्रयास असफल होने पर हुड्डा का अगला प्रयास है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर दवाब बनाकर कांग्रेस सुप्रीमों सोनियां गांधी से मिल भी चुके है, मगर राहुल गांधी फिलहाल हरियाणा कांग्रेेस नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष नहीं है, क्योंकि हरियाणा में मजबूत होती कांग्रेस से वह पूर्णयता संतुष्ट है। राहुल की संतुष्टता के चलते नहीं लगता कि प्रदेश कांग्रेस में परिवर्तन की कोई गुंजाईश नहीं हे। प्रदेश में कांग्रेस के नेतृत्व परिवर्तन का शोशा इसलिए छोड़ा गया, ताकि भूपेंद्र हुड्डा की फौज में हो रही भगदड़ रूक जाए।Home > PoliticalNews > कांग्रेस हाईकमान की उम्मीदों पर खरा उतर रहे है अशोक तंवर
कांग्रेस हाईकमान की उम्मीदों पर खरा उतर रहे है अशोक तंवर
By Pressvarta • 10:33:00 AM • LatestNews PoliticalNews • Comments : 0
प्रैसवार्ता न्यूज: सिरसा (मनमोहित ग्रोवर)। हरियाणा कांग्रेस के मौजूदा प्रधान तथा संसदीय क्षेत्र सिरसा के पूर्व सांसद अशोक तंवर द्वारा प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालने उपरांत लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव में हुई दुर्गति के बावजूद हाईकमान तंवर पर विश्वास बनाए हुए है, क्योंकि कांग्रेस दुर्गति के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को जिम्मेवार माना जा रहा है। हरियाणा में कांग्रेस शासन की लुटिया लुढ़के एक वर्ष से ज्यादा का समय हो गया है, मगर इस अवधि के दौरान अशोक तंवर की सक्रियता से प्रदेश कांग्रेस को काफी संजीवनी मिली है, जबकि लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव परिणाम से कांंग्रेस हाशिए पर चली गई थी। तंवर के परिश्रम से कांग्रेस उत्साहित है, जिस कारण कांग्रेस हाईकमान की पहली पसंद तंवर को माना जा रहा है। तंवर को राजनीतिक झटका देने के लिए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शक्ति प्रदर्शनों, पंद्रह में से 14 विधायकों का समर्थन जुटाकर कांग्रेस हाईकमान को रिझाने का हर संभव प्रयास किया है, मगर राजनीतिक पटखनी देने के लिए कभी विशेषज्ञ कहे जाने वाले भूपेंद्र सिंह हुड्डा पटखनी खाए हुए हैे और उनके प्रयास पर ग्रहण लग सकता है। प्रदेशभर में कांग्रेसीजन की नब्ज टटोलने उपरांत दिखाई दिए आईने से भूपेंद्र हुड्डा और उसके समर्थक सकते में आ गए है। ज्यादातर समर्थकों की सोच में बदलाव आना शुरू हो गया है, जोकि भूपेंद्र हुड्डा के लिए शुभ संकेत नहीं कहा जा सकता। एक विशेष वर्ग की चौधर संभालने के हुड्डा के प्रयास असफल होने पर हुड्डा के प्रयास असफल होने पर हुड्डा का अगला प्रयास है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर दवाब बनाकर कांग्रेस सुप्रीमों सोनियां गांधी से मिल भी चुके है, मगर राहुल गांधी फिलहाल हरियाणा कांग्रेेस नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष नहीं है, क्योंकि हरियाणा में मजबूत होती कांग्रेस से वह पूर्णयता संतुष्ट है। राहुल की संतुष्टता के चलते नहीं लगता कि प्रदेश कांग्रेस में परिवर्तन की कोई गुंजाईश नहीं हे। प्रदेश में कांग्रेस के नेतृत्व परिवर्तन का शोशा इसलिए छोड़ा गया, ताकि भूपेंद्र हुड्डा की फौज में हो रही भगदड़ रूक जाए।
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