सिरसा(मनमोहित ग्रोवर)। बगैर डोर पंजाब की राजनीति में हिचकौले खा रहा पतंग को कांग्रेस ने लपक लिया है, जिसकी पूरे पंजाब में चर्चा चल रही है। मुख्यमंत्री पंजाब प्रकाश सिंह बादल के सगे भतीजे तथा पूर्व वित्त मंत्री पंजाब मनप्रीत बादल ने मुख्यमंत्री से मतभेदों के चलते अपने बलबूते पर पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब(पीपीपी) का गठन करके चुनावी चिन्ह पंजाब की राजनीति में उड़ान भरनी चाही, मगर बगैर डोर वाला पतंग विधानसभा चुनाव में उड़ान न भर सका, जिससे पीपीपी की राजनीतिक हवा सरक गई, क्योंकि सुप्रीमों सहित सभी प्रत्याशी लुढ़क गए थे। पीपीपी के बिखरते कुनबे से बगैर डोर वाला पतंग पंजाब की राजनीति में हिचकौले खाने लगा, तो पीपीपी सुप्रीमों मनप्रीत बादल ने कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर बठिण्डा संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़कर संकेत दे दिया था कि वह कभी भी कांग्रेस में शामिल हो सकते है। पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के साथ ही मनप्रीत बादल की पीपीए का कांग्रेस में विलय माना जाने लगा था। सूत्रों की माने, देश की स्वतंत्रता उपरांत हुए बीते चुनाव तक पतंग चुनाव चिन्ह का कोई प्रत्याशी उड़ान नहीं भर सका। पंजाब में मनप्रीत बादल तथा हरियाणा में पूर्व गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा की पार्टी हरियाणा लोकहित पार्टी(हलोपा) का भी हरियाणा के विधानसभा चुनाव में खाता तक नहीं खुला। हलोपा का चुनाव चिन्ह पतंग है। मनप्रीत बादल की पतंग कांग्रेस के हाथ में आने से शिरोमणी अकाली दल को जरूर झटका लगा है, जबकि कांग्रेस को जरूर फायदा हो सकता है। इससे पूर्व कांग्रेस बसपा पर डोरे डाल चुकी है। कांग्रेस बिहार के महागठबंधन की तर्ज पर पंंजाब में अकाली-भाजपा के 'हैट्रिकÓ के स्वपन पर 'ग्रहणÓ लगा सकती है, ऐसी राजनीतिक विशेषज्ञों की सोच है।
Home > PoliticalNews > पतंग की डोर: कांग्रेस के हाथ में
पतंग की डोर: कांग्रेस के हाथ में
By Pressvarta • 11:30:00 AM • LatestNews PoliticalNews • Comments : 0
Subscribe to:
Post Comments
(
Atom
)

Post a Comment