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प्रौफेसर वीरेंद्र ने बढ़ाई भूपेंद्र हुड्डा की मुश्किलें

सिरसा(प्रैसवार्ता)। राजनीतिक तौर पर हाशिए की ओर तेजी से बढ़ रहे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा को अपने गढ़ रोहतक तथा झज्जर में कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है।  राजनीतिक तौर पर पंचायती चुनाव में रोहतक तथा झज्जर जिला में भूपेंद्र हुड्डा को राजनीतिक झटका लगा है, जबकि विधानसभा चुनाव में भी रोहतक से भाजपा प्रत्याशी मनीष ग्रोवर विजयी हुए है। भूपेंद्र हुड्डा ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में दिग्गज कांग्रेसी नेताओं को राजनीतिक झटके देकर उन्हें पार्टी से अलविदाई की राह दिखाई, वहीं कांग्रेस पार्टी का ऐसा मानचित्र बना दिया कि कांग्रेस 90 विधानसभा क्षेत्रों वाले प्रदेश में मात्र 15 पर विजयी हो पाई। कांग्रेस की इस राजनीतिक दुर्गति के लिए कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व नाराज हो गया है, जिसे मानने व संतुष्ट करने के लिए भूपेंद्र हुड्डा ने कई प्रयास किए, मगर सफल नहीं हो पाए। भूपेंद्र हुड्डा ने अलग पार्टी बनाने के इरादे से प्रदेशभर में कांग्रेसीजनों की नब्ज टटोली, मगर कोई रिस्पांस न मिलता देखकर अपनी इस योजना को स्थगित कर दिया। आरोप है कि भाजपाई सरकार द्वारा भूपेंद्र हुड्डा पर कस रहे कानूनी शिकंजे तथा पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की बेरूखी से परेशान भूपेंद्र हुड्डा ने अपनी पिटारी से जाट आरक्षण का जिन्न बाहर निकाला, जो उस पर ही भारी पड़ गया। जाट आरक्षण आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें भूपेंद्र हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार प्रौ. वीरेंद्र का ऑडियो वायरल हो गया, जिसमें आंदोलन को तेज व उग्र करने का जिक्र था। इस ऑडियो को लेकर कांग्रेस पार्टी ने नोटिस थमा दिया, वहीं सरकार ने देशद्रोह का मामला दर्ज कर अदालत से गिरफ्तार वारंट हासिल कर लिए। भूपेंद्र हुड्डा पर इस हिसंक आंदोलन को लेकर उठ रही उंगली के चलते उन्हें अपने गढ़ रोहतक  तथा झज्जर में अपनों के ही विरोध का सामना करना पड़ा है। भूपेंद्र हुड्डा व उनका सांसद बेटा दीपेंद्र हुड्डा वकालत पर उतरे आए है और पार्टी द्वारा दिए गए नोटिस पर सवालिया निशान लगाने लगे। वीरेंद्र के नोटिस ने कांग्रेसी जंग तेज कर दी है और तंवर समर्थक इसे उचित व सही समय पर उठाया गया पार्टी हित के लिए सही कदम बताते है। कैप्टन अजय यादव, किरण चौधरी जैसे कांग्रेसी दिग्गज तंवर के नोटिस की वकालत कर रहे है। पार्टी प्रधान अशोक तंवर के निर्णय पर भूपेंद्र हुड्डा समर्थकों द्वारा की गई बयानबाजी ने कांग्रेसी जंग को जन्म दे दिया है। भूपेंद्र हुड्डा को मिल रहे निरंतर राजनीतिक झटकों से उनके अपने उनसे दूरी बना रहे है, जोकि भूपेंद्र हुड्डा के लिए एक परेशानी का सबब बन रहा है। प्रौफेसर वीरेंद्र के ऑडियो ने भूपेंद्र हुड्डा के राजनीतिक भविष्य पर प्रश्न चिन्ह अंकित करते हुए परेशानियां झेल रहे भूपेंद्र हुड्डा की परेशानियों में वृद्धि कर दी है।

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