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कुलदीप बिश्नोई की 'तिरंगी पगडी' ने मचाई हलचल

सिरसा (प्रैसवार्ता)। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से राजनीतिक मतभेदों के चलते अपने पिता स्व. भजन लाल पूर्व मुख्यमंत्री के नेतृत्व में नई पार्टी हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) का गठन कर सुप्रीमों बने कुलदीप बिश्रोई द्वारा गुलाबी पगड़ी पर किए गए कटु व्यंग्य तथा मुख्यमंत्री पद की दावेदारी जिताने को लेकर हरियाणवी राजनीति में हलचल मचा दी है। कुलदीप बिश्नोई के नेतृत्व में वर्ष 2009 में हुए विधानसभा चुनाव में हरियाणा की जनता ने आधा दर्जन विधायक दिए, जिनमें से पांच अलविदाई ले गए और इसी के साथ हजकां का जनाधार तेजी से गिरने लगा। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में हजकां पति-पत्नी तक ही सीमित होकर रह गई हरियाणवी राजनीति में कुलदीप बिश्नोई बतौर नेता स्वीकार नहीं किया गया, क्योंकि हजकां सुप्रीमों रहते हुए बिश्रोई ने अनेक प्रभावी राजसी दिग्गजों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया। तनाशाही रवैये की बदौलत हजकां में कां-कां के बढ़ते स्वरों से पार्टी राजनीतिक हाशिए तक पहुँच गई तो आनन-फानन में बिश्रोई ने अपनी राजनीतिक दुकान को कांग्रेसी शोरूम में तबदील कर दिया। कांग्रेस में वापिसी के साथ ही कुलदीप बिश्रोई ने सीएम की दावेदारी बताकर हलचल मचा दी है। कई तरह के क्यासों ने जन्म ले लिया है। क्या कांग्रेस कुलदीप बिश्रोई को मुख्यमंत्री के पद पर प्रोजेक्ट करेगी, राजनीतिक पंडित इस पर यकीन नहीं करते, मगर ऐसी टिप्पणी करके कुलदीप बिश्रोई ने आपसी कलह से जूझ रही कांग्रेस की गुटबाजी को जरूर बढ़ा दिया है। इससे कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान होगा। प्रदेश में पगड़ी का विशेष सम्मान व महत्त्व है और गुलाबी पगड़ी को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा की पक्षीय माना जाता है। लाल पगड़ी की पहचान अशोक तंवर पक्षीय के रूप में देखा जाता है। कुलदीप बिश्रोई की तिरंगी पगड़ी कांग्रेस में एक ओर घड़े का संकेत देती है। हरियाणवी राजनीति के विशेषज्ञों के अनुसार कुलदीप बिश्रोई ने वर्ष 2007 में गठित हजकां के गठन पर प्रदेशवासियों द्वारा सम्मान का प्रतीक पहनाई गई पगड़ी पर सवालिया निशान लगा दिए है, जिसे पहनकर कुलदीप बिश्रोई ने पुन: कांग्रेस में न आने की घोषणा की थी। कुलदीप बिश्रोई की हजकां का कांग्रेस में विलय से भाजपा फायदे में रहेगी, क्योंकि जनाधार खोने उपरांत कुलदीप बिश्रोई ने कांग्रेसी शोरूम में दस्तक देकर आपसी कलह से जूझ रही कांग्रेस को एक ओर कलह रूपी राजनीतिक  घाव दे दिया है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने कुलदीप बिश्रोई की टिप्पणी को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश कांग्रेस को निर्देश दिए है कि किसी प्रकार की भी पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाली टिप्पणी या ब्यानबाजी बर्दाश्त न करें और आवश्यकता पडऩे पर पार्टी के नियमानुसार कार्रवाई करने से परहेज न किया जाए।


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