सिरसा(प्रैसवार्ता)। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा की निरंतर बढ़ रही मुश्किलों ने, जहां उनके समर्थकों में बेचैनी बढ़ा दी है, वहीं मौजूदा कांग्रेस प्रधान अशोक तंवर ने हुड्डा समर्थकों पर डोरे डालने शुरू कर दिए है। तंवर सिरसा संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके है और इस संसदीय क्षेत्र के टोहाना विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर नरवाना, फतेहाबाद, रतिया, सिरसा, रानियां, ऐलनाबाद, कालांवाली व डबवाली पर इनैलो काबिज है और इनैलो के ही चरणजीत सिंह रोड़ी सिरसा संसदीय क्षेत्र से सांसद है। इनैलो के गढ़ कहे जाने वाले सिरसा संसदीय क्षेत्र की मौजूदा राजनीतिक तस्वीर काफी बदली हुई है, क्योंकि पंचायती राज चुनावों में मतदाताओं की सोच में काफी बदलाव आया है। एक कुशल राजनीतिक की तरह से तंवर ने मौजूदा भाजपाई सरकार या इनैलो के गढ़ में सेंधमारी की बजाए अपने राजनीतिक मतभेदों के चलते भूपेंद्र हुड्डा पर फोक्स किया है। भूपेंद्र हुड्डा के राजनीतिक झटकों की बदौलत हरियाणवी राजनीति से लुप्त होते नजर आ रहे है, क्योंकि मुसीबतें उनका पीछा नहीं छोड़ रही, जिसका सीधा लाभ तंवर को मिल रहा है। संसदीय क्षेत्र सिरसा के नरवाना, टोहाना, फतेहाबाद, रानियां तथा डबवाली विधानसभा क्षेत्रों में भूपेंद्र हुड्डा के समर्थक है और इन्हीं समर्थकों की वजह से इनैलो का पलड़ा भारी रहा, क्योंकि तंवर के समर्थक कांग्रेस प्रत्याशियों को हराने में हुड्डा समर्थकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शायद इसी वजह से कांग्र्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने भूपेंद्र हुड्डा को तव्वजों देनी बंद कर दी है। भूपेंद्र हुड्डा के राजनीतिक हिचकौलों से उनके समर्थकों में हृदय परिवर्तन की लहर तेजी पकडऩे लगी है, जिसे कैश करने के लिए तंवर समर्थकों ने ऐसे चेहरों पर डोरे डालने शुरू कर दिए है। सिरसा संसदीय क्षेत्र के नरवाना, टोहाना तथा फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्रों में तंवर ने अपनी मजबूत पकड़ बनाकर भूपेंद्र हुड्डा समर्थकों को मजबूर कर दिया है कि कांग्रेस में रहते हुए उन्हें तंवर का नेतृत्व स्वीकार ही करना पड़ेगा। अब तंवर का फोक्स विधानसभा क्षेत्र डबवाली तथा रानियां पर है। अशोक तंवर के काफी करीबी एवं प्रदेश कांग्रेस के प्रांतीय महासचिव नवीन केडिया पर भूपेंद्र हुड्डा समर्थकों पर डोरे डालने की जिम्मेवारी तंवर द्वारा दी गई है, ऐसी चर्चा है क्योंकि नवीन केडिया ने अपने विधानसभा क्षेत्र सिरसा के साथ साथ डबवाली तथा रानियां विधानसभा क्षेत्र में सेंधमारी करके भूपेंद्र हुड्डा समर्थकों को तंवर का नेतृत्व स्वीकार करवाने की मुहिम चलाई है। डबवाली से डॉ. केवी सिंह तथा रानियां से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ चुके रणजीत सिंह को भूपेंद्र हुड्डा का समर्थक माना जाता है। नवीन केडिया अपनी इस मुहिम में कितना सफल होते है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, मगर सूत्रों की मानें, जल्द ही डबवाली में भूपेंद्र हुड्डा समर्थक कांग्रेसी दिग्गज अशोक तंवर का नेतृत्व स्वीकार करने वाले है। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार स्वच्छ छवि के चलते नवीन केडिया को कांग्रेस दिग्गज उचित मान सम्मान दे रहे है और तंवर से संपर्क बनाने के लिए तालमेल भी बनाने के इच्छुक देखे जाने लगे है। भूपेंद्र हुड्डा के समर्थकों का प्रदेश में आंकड़ा निरंतर कम हो रहा है, वहीं तंवर की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।Home > PoliticalNews > हुड्डा समर्थकों पर तंवर एंड कंपनी ने शुरू किए डोरे डालने
हुड्डा समर्थकों पर तंवर एंड कंपनी ने शुरू किए डोरे डालने
By Pressvarta • 4:08:00 PM • LatestNews PoliticalNews • Comments : 0
सिरसा(प्रैसवार्ता)। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा की निरंतर बढ़ रही मुश्किलों ने, जहां उनके समर्थकों में बेचैनी बढ़ा दी है, वहीं मौजूदा कांग्रेस प्रधान अशोक तंवर ने हुड्डा समर्थकों पर डोरे डालने शुरू कर दिए है। तंवर सिरसा संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके है और इस संसदीय क्षेत्र के टोहाना विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर नरवाना, फतेहाबाद, रतिया, सिरसा, रानियां, ऐलनाबाद, कालांवाली व डबवाली पर इनैलो काबिज है और इनैलो के ही चरणजीत सिंह रोड़ी सिरसा संसदीय क्षेत्र से सांसद है। इनैलो के गढ़ कहे जाने वाले सिरसा संसदीय क्षेत्र की मौजूदा राजनीतिक तस्वीर काफी बदली हुई है, क्योंकि पंचायती राज चुनावों में मतदाताओं की सोच में काफी बदलाव आया है। एक कुशल राजनीतिक की तरह से तंवर ने मौजूदा भाजपाई सरकार या इनैलो के गढ़ में सेंधमारी की बजाए अपने राजनीतिक मतभेदों के चलते भूपेंद्र हुड्डा पर फोक्स किया है। भूपेंद्र हुड्डा के राजनीतिक झटकों की बदौलत हरियाणवी राजनीति से लुप्त होते नजर आ रहे है, क्योंकि मुसीबतें उनका पीछा नहीं छोड़ रही, जिसका सीधा लाभ तंवर को मिल रहा है। संसदीय क्षेत्र सिरसा के नरवाना, टोहाना, फतेहाबाद, रानियां तथा डबवाली विधानसभा क्षेत्रों में भूपेंद्र हुड्डा के समर्थक है और इन्हीं समर्थकों की वजह से इनैलो का पलड़ा भारी रहा, क्योंकि तंवर के समर्थक कांग्रेस प्रत्याशियों को हराने में हुड्डा समर्थकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शायद इसी वजह से कांग्र्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने भूपेंद्र हुड्डा को तव्वजों देनी बंद कर दी है। भूपेंद्र हुड्डा के राजनीतिक हिचकौलों से उनके समर्थकों में हृदय परिवर्तन की लहर तेजी पकडऩे लगी है, जिसे कैश करने के लिए तंवर समर्थकों ने ऐसे चेहरों पर डोरे डालने शुरू कर दिए है। सिरसा संसदीय क्षेत्र के नरवाना, टोहाना तथा फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्रों में तंवर ने अपनी मजबूत पकड़ बनाकर भूपेंद्र हुड्डा समर्थकों को मजबूर कर दिया है कि कांग्रेस में रहते हुए उन्हें तंवर का नेतृत्व स्वीकार ही करना पड़ेगा। अब तंवर का फोक्स विधानसभा क्षेत्र डबवाली तथा रानियां पर है। अशोक तंवर के काफी करीबी एवं प्रदेश कांग्रेस के प्रांतीय महासचिव नवीन केडिया पर भूपेंद्र हुड्डा समर्थकों पर डोरे डालने की जिम्मेवारी तंवर द्वारा दी गई है, ऐसी चर्चा है क्योंकि नवीन केडिया ने अपने विधानसभा क्षेत्र सिरसा के साथ साथ डबवाली तथा रानियां विधानसभा क्षेत्र में सेंधमारी करके भूपेंद्र हुड्डा समर्थकों को तंवर का नेतृत्व स्वीकार करवाने की मुहिम चलाई है। डबवाली से डॉ. केवी सिंह तथा रानियां से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ चुके रणजीत सिंह को भूपेंद्र हुड्डा का समर्थक माना जाता है। नवीन केडिया अपनी इस मुहिम में कितना सफल होते है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, मगर सूत्रों की मानें, जल्द ही डबवाली में भूपेंद्र हुड्डा समर्थक कांग्रेसी दिग्गज अशोक तंवर का नेतृत्व स्वीकार करने वाले है। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार स्वच्छ छवि के चलते नवीन केडिया को कांग्रेस दिग्गज उचित मान सम्मान दे रहे है और तंवर से संपर्क बनाने के लिए तालमेल भी बनाने के इच्छुक देखे जाने लगे है। भूपेंद्र हुड्डा के समर्थकों का प्रदेश में आंकड़ा निरंतर कम हो रहा है, वहीं तंवर की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।
Subscribe to:
Post Comments
(
Atom
)
Post a Comment