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राजनीतिक सलाहकार चौपड़ा की राजनीति से अपने भी हुए घायल

सिरसा(प्रैसवार्ता)। मुख्यमंत्री हरियाणा के  राजनीतिक सलाहकार जगदीश चौपड़ा की राजनीति ने जिला सिरसा के राजनीतिक समीकरण बदल दिए है। इनैलो के गढ़ कहे जाने वाले सिरसा में लोकसभा सदस्य के साथ साथ जिला की पांचों विधानसभाई क्षेत्रों पर इनैलो का कब्जा है, जबकि पंचायती राज के चुनाव में जिला की सातों खंड समितियों के चुनाव परिणामों में इनैलो का खाता तक नहीं खुला। इसी प्रकार परिषद डबवाली, पालिकां, रानियां में कांग्रेस को चौधर मिली, वहीं ऐलनाबाद पालिका में कमल का फूल खिला है। परिषद सिरसा के चुनाव अभी होने है।
सिरसा की राजनीतिक तस्वीर दर्शाती है कि इस विधानसभा क्षेत्र से दो बार को छोड़कर पंजाबी या वैश्य समाज से ही विधायक बनता रहा है। भाजपा के दिग्गज गणेशी लाल वैश्य समाज से तालुक्क रखते है और सिरसा से भी विधायक रह चुके है, जबकि जगदीश चौपड़ा पंजाबी वर्ग से हैं, जो अपना राजनीतिक भविष्य विधानसभा चुनाव लड़कर अजमा कर देख चुके है। इसमें उन्हें कामयाबी नहीं मिली थी। प्रदेश में भाजपा सरकार बनते ही भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से विचार विमर्श उपरांत मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहर लाल खट्टर ने इनैलो के इस गढ़ में सेंधमारी करने में पूर्णतया सक्षम जगदीश चौपड़ा को अपना राजनीतिक सलाहकार बनाय। चौपड़ा ने जिला सिरसा का राजनीतिक मानचित्र बदलने के साथ साथ कई बार सरकार के लिए ंसंकट मोचक की भूमिका बखूबी निभाई। सिरसा जिला की सात खंड समितियों में इनैलो को चौधर से दूर रखते हुए जगदीश चौपड़ा के प्रयासों से अनेक प्रभावी राजसी दिग्गजों ने भगवा ध्वज उठाया और यहीं कारण है कि जिला सिरसा में भाजपाई जनाधार तेजी से बढ़ा हैं। चौपड़ा की कार्यशैली से न सिर्फ भाजपाई शीर्ष नेतृत्व प्रसन्न है, बल्कि जिलाभर के लोग भी चौपड़ा की इस नियुक्ति को उचित समय में भाजपा द्वारा लिया गया उचित कदम मान रहे है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर 15 अगस्त को सिरसा में राष्ट्रीय ध्वज फहराने आ रहे है, इसके लिए भी चौपड़ा का विशेष योगदान कहा जा सकता है। भाजपा के बढ़ते जनाधार और चौपड़ा की बढ़ती लोकप्रियता से विरोधी पक्ष सकते में आना स्वाभाविक है, वहीं कई भाजपाई दिग्गज भी परेशान है। उनके चेहरों पर मायूसी का आलम देखा जा सकता है। मायूसी भरे चेहरे वाले भाजपाई दिग्गजों के बुलाने पर उनके अपने ही नहीं आते, जबकि चौपड़ा के इर्द-गिर्द लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। चौपड़ा की राजनीति ने विपक्ष के साथ साथ  कई अपनों को भी राजनीतिक घाव दिए है।
विकास कार्यों का भी श्रेय चौपड़ा को
सिरसा के तीन चेयरमैन सर्वश्री गुरदेव सिंह राही, सुश्री कुमुद बांसल तथा रेणू बाला शर्मा सरकार में भागीदार है, जिनकी इस जिम्मेवारी में चौपड़ा के महत्त्वपूर्ण एवं सक्रिय योगदान से इंकार नहीं किया जा सकता। भाजपा आलाकमान ने जिस उम्मीद के साथ चौपड़ा पर विश्वास किया और उसी उम्मीद से कहीं ज्यादा चौपड़ा खरे उतर रहे है। जिलाभर में हो रहे विकास कार्यों का भी श्रेय जगदीश चौपड़ा को दिया जा रहा है।
भगवाध्वज उठाने के इच्छुकों को करना होगा इंतजार
     मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के 14 अगस्त के कालांवाली कार्यक्रम रद्द होने से उन राजसी दिग्गजों की उम्मीदों पर ग्रहण लग गया है, जो भाजपाई ध्वज उठाने की तैयारी कर रहे थे। कांग्रेस के आपसी कलह तथा कई अन्य राजनीतिक दलों में अपनी-अपनी पार्टी की अनदेखी से घुट रहे राजसी दिग्गजों को अपना राजनीतिक भविष्य भाजपा में ही दिखाई देने लगा है। भाजपा में प्रवेश से पूर्व हाईकमान के निर्देश पर ऐसे राजसी दिग्गजों की पृष्ठभूमि को खंगाला जाएगा और फिर उन्हें भाजपा में शामिल किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार पार्टी के जिलाध्यक्ष यतिन्द्र सिंह एडवोकेट की अनुशंसा उपरांत ही किसी को पार्टी की सदस्यता दी जाएगी। काबिलेगौर है कि यतिन्द्र सिंह  जगदीश चौपड़ा की पहली पसंद है।
थेहड़वासियों को राहत दिलवाने में निभाई भूमिका
     थेहड़वासी मोहल्ला निवासी जब अपने आशियाने को बचाने के लिए परेशान थे, तब जगदीश चौपड़ा ने मोहल्ला थेहड़ प्रकरण में सरकार के लिए उत्पन्न हुए संकट को शांतिप्रिय ढंग से कानूनी प्रक्रिया के चलते संकट मोचक बनकर सुलझाया। इसी के साथ सरकार व थेहड़वासियों को राहत मिली। इसे थेहड़वासियों का रूझान अब भाजपा की तरफ बढ़ा हुआ दिखाई दे रहा है। इस प्रकरण में कुछ राजसी लोगों ने अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के प्रयास भी किए, मगर चौपड़ा ने उन सभी प्रयासों पर ग्रहण लगाते हुए थेहड़वासियों को राहत दिलवाने में भूमिका निभाई।

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