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गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने के लिए प्रयासरत्: संत कुमार

sant kumar
गीता प्रचारक, बहुआयामी व्यक्तित्व के मालिक तथा पिछले चार दशक से वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में जिला न्यायालय फतेहाबाद में प्रैक्टिस कर रहे संत कुमार एडवोकेट गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करवाने के लिए प्रयासरत् है। कविताएं, गजलें लिखने के शौकीन साहित्यकार संत कुमार एडवोकेट ने एक नावल नूरां पर अंतर्राष्ट्रीय टीवी चैनल ने संत कुमार पर एक डॉक्यूमैंटरी का प्रसारण भी किया जा चुका है। अनके धार्मिक, सामाजिक व राजनीतिज्ञों से जुडऩे वाले इस अधिवक्ता का धर्म, राजनीति व इतिहास के विषयों पर प्रभावी पकड़ है। गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करवाने के लिए कटिबद्ध संत कुमार गीता के प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न शिक्षण संस्थाओं, धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाकर  अपनी बात प्रभावशाली ढंग से कहते है। जीओ गीता फतेहाबाद के जिलाध्यक्ष संत कुमार कहते है कि गीता किसी धर्म  जाति समुदाय वर्ग विशेष ग्रंथ नहीं, अपितु समस्त मानव कल्याण के लिए है, जो चारों योग, पर्यावरण, प्रकृति, मानव का उद्गार और पतन के बारे में बताने के साथ साथ जीवन जीने की कला सिखाती है। इसके साथ ही सत्य अहिंसा, आत्मा-परमात्मा, न्याय नीति और मुक्ति की बात करती है। गीता प्रचारक ने यह भी कहा कि गीता की जितनी जरूरत महाकाल में थी, उससे भी कहीं ज्यादा वर्तमान में जरूरत है, क्योंकि आज विश्व में आतंकवाद, बेईमानी, भ्रष्टाचार, पुराचार चरम सीमा पकड़ चुके है और युवा वर्ग दिशाहीन हो चुके है। संत कुमार ने हरियाणा सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मौजूदा  मनोहर सरकार ने स्कूली पाठ्यक्रम में गीता को शुरू करवाकर सराहनीय काम किया है। इससे विद्यार्थियों को सही दिशा और नैतिक बल मिलेगा।(प्रैसवार्ता)

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