सिरसा(प्रैसवार्ता)। शिरोमणी अकाली दल द्वारा हरियाणा में दो संसदीय क्षेत्र तथा तीस विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लडने की डुगडुगी से हरियाणवीं कांग्रेस काफी उत्साहित नजर आ रही है, क्योंकि हरियाणा में कांग्रेस और इनैलो में ही चुनावी जंग मानी जा रही है, जबकि सत्तारूढ भाजपा से अपने ही खफा है। राजनीतिक पंडित अकाली डुगडुगी को भाजपाई कार्ड मानते है। अकाली दल के चुनावी समर में उतरने का सबसे ज्यादा नुकसान इनैलो को होगा। इनैलो और अकाली दल लंबे समय से मिलकर हरियाणा में राजनीति करते आ रहे है। पिछले चुनाव में अकाली दल ने भाजपा से तालमेल के बावजूद इनैलो प्रत्याशियों के लिए जमकर प्रचार भी किया था, जिससे अकाली दल और भाजपा पंजाब में खट्टास पैदा हुई । इसी खट्टास का खमियाजा अकाली दल को पंजाब के विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ा। अकाली दल और इनैलो में एसवाईएल के पानी को लेकर मतभेद हैं। इन मतभेदों का लाभ उठाने के लिए भाजपा ने राजनीतिक कार्ड खेला है,जो इन मतभेदों का राजनीतिक फायदा उठाने की फिराक में है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि अकाली दल की सेंधमारी से इनैलो को जो नुकसान होगा,उसका फायदा कांग्रेस को होगा। इनैलो की दलील रहेगी कि प्रदेश हित को तव्वजो देते हुए उसने अकाली दल से राजनीतिक रिश्ते समाप्त किये हैं,जबकि अकाली दल के पास कोई मुद्दा नहीं होगा ,बल्कि हरियाणा को एस वाई एल के पानी के विरोध का सामना करना पड़ेगा।Home > PoliticalNews > अकाली दल की हरियाणा में डुगडुगी से कांग्रेस उत्साहित
अकाली दल की हरियाणा में डुगडुगी से कांग्रेस उत्साहित
By Pressvarta • 11:08:00 AM • PoliticalNews • Comments : 0
सिरसा(प्रैसवार्ता)। शिरोमणी अकाली दल द्वारा हरियाणा में दो संसदीय क्षेत्र तथा तीस विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लडने की डुगडुगी से हरियाणवीं कांग्रेस काफी उत्साहित नजर आ रही है, क्योंकि हरियाणा में कांग्रेस और इनैलो में ही चुनावी जंग मानी जा रही है, जबकि सत्तारूढ भाजपा से अपने ही खफा है। राजनीतिक पंडित अकाली डुगडुगी को भाजपाई कार्ड मानते है। अकाली दल के चुनावी समर में उतरने का सबसे ज्यादा नुकसान इनैलो को होगा। इनैलो और अकाली दल लंबे समय से मिलकर हरियाणा में राजनीति करते आ रहे है। पिछले चुनाव में अकाली दल ने भाजपा से तालमेल के बावजूद इनैलो प्रत्याशियों के लिए जमकर प्रचार भी किया था, जिससे अकाली दल और भाजपा पंजाब में खट्टास पैदा हुई । इसी खट्टास का खमियाजा अकाली दल को पंजाब के विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ा। अकाली दल और इनैलो में एसवाईएल के पानी को लेकर मतभेद हैं। इन मतभेदों का लाभ उठाने के लिए भाजपा ने राजनीतिक कार्ड खेला है,जो इन मतभेदों का राजनीतिक फायदा उठाने की फिराक में है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि अकाली दल की सेंधमारी से इनैलो को जो नुकसान होगा,उसका फायदा कांग्रेस को होगा। इनैलो की दलील रहेगी कि प्रदेश हित को तव्वजो देते हुए उसने अकाली दल से राजनीतिक रिश्ते समाप्त किये हैं,जबकि अकाली दल के पास कोई मुद्दा नहीं होगा ,बल्कि हरियाणा को एस वाई एल के पानी के विरोध का सामना करना पड़ेगा।
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