Headlines

Restaurants

Fashion

खट्टर का फार्मूला फाईव -सी :अफसरशाही के लिये नववर्ष का उपहार

सिरसा (प्रैसवार्ता ) हिमाचल के परवाणु में हरियाणा सरकार के चिंतन शिविर का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का अफसरशाही को दिया गये फार्मूले को नव वर्ष का उपहार माना जा रहा है। फार्मूला  सी नामक इस फार्मूले में मुख्यमंत्री ने अफसरशाही को सी.बी.आई, कोर्ट, विजीलैंस,कैग तथा सूचना आयोग से न डरने का संकेत दिया है।खट्टर के इस फार्मूले से अफसरशाही को मनमानी की छूट रहेगी, जबकि इससे पहले सत्तारूढ भाजपा के अनेक दिग्गज शीर्ष नेतृत्व के समक्ष अफसरशाही द्वारा उन्हे तव्वजो न देने की गुहार लगा चुके है। हरियाणा प्रदेश में अफसरशाही पहले ही सूचना आयोग को ठेंगा दिखा चुकी है। तथ्य साक्षी है कि सूचना आयोग हरियाणा द्वारा वर्ष 2008 में 63, वर्ष 2009 में 76, वर्ष 2010 में 108, वर्ष 2011 में 49, वर्ष 2012 में 77, वर्ष 2013 में 202 , वर्ष 2014  में 395, वर्ष 2015 में 625 , वर्ष 2016 में 44 तथा  नवंबर 2017  तक 235 राज्य जन सूचना अधिकारियों पर जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना की चपेट में आये 2238  दोषी राज्य जन सूचना अधिकारियों में से 1482 ने जुर्माना नहीं भरा है। सूत्रों के मुताबिक आयोग में धारा 18 (2) के तहत अब तक 3889 ,धारा 19 (3 ) में 48907 तथा धारा 20 (1) में 13993  पिछले एक दशक में आये हैं, जिनमें से 2641 मामलों में धारा 19(8) के तहत 6292837 रूपये आवेदकों को हर्जाने के आदेश दिये गये हैं। इन आदेशों के चलते ज्यादा आवेदकों को  हर्जाना राशी अभी तक नहीं मिली है। सूचना आयोग ने 838  मामलों में सूचना अधिकार कानून की धारा 20(2) के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही के आदेश दिए जा चुके हैं । केवल इतना ही नहीं सूचना आयोग  द्वारा कई राज्य जन सूचना अधिकारियों के खिलाफ वारंट भी  जारी किये गये हैं, मगर संबधित तंत्र ने इसकी कोई  परवाह नहीं की। मुख्यमंत्री के फार्मूला सी फाईव से सूचना आयोग में दस्तक देने वालों को निराशा हाथ  ही लगेगी और सूचना आयोग सरकार पर एक आर्थिक बोझ बन कर रह जायेगा ।इसी प्रकार अफसरशाही सी, बी. आई, विजीलैस व कैग के भय से मुक्त होकर सरकारी खिलौना  बन कर रह जायेगी और सरकार अफसरशाही पर निर्भर हो कर रह  जायेगी।

Share this:

Post a Comment

 
Copyright © The Pressvarta Trust. Blog Templates Designed by OddThemes